Attitude Shayari Fundamentals Explained

चोरी के केश में जेल काट के बदमाश ना बन मितरमैं हमदर्दी की खैरातों को ठुकरा देती हूँमैं रात्रि की तरह हूँ, अंधेरे में भी चमकता हूँ…! ✨हमारी शख्सियत का अंदाजा तुम क्या लगाओगे, हम तो खुद भी नहीं जानते कि हम कितने खतरनाक हैं…! ⚡जिन्हे उगना होता हैं वो पत्थर का सीना चीर कर

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